Buhaiबिहिया=, भोजपुर बिहार
नौकरी पाने के लिए फर्जी अंकपत्र का इस्तेमाल करने वाले एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार शिक्षक सुरेश प्रसाद, पिता चंद्रमा राम, निवासी चकरही गांव (थाना- बिहिया) हैं। वह महुआंव गांव स्थित मध्य विद्यालय में पिछले 19 वर्षों से शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।
मामला उस समय सामने आया जब पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जांच शुरू की। ब्यूरो के इंस्पेक्टर अरुण पासवान की शिकायत पर 15 मई को बिहिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच में पाया गया कि वर्ष 2005 में पंचायत शिक्षामित्र की बहाली के दौरान सुरेश प्रसाद ने इंटर के अंकपत्र में हेराफेरी कर नियुक्ति प्राप्त की थी। असल में उनके अंक 481 थे, लेकिन उन्होंने 698 अंक दिखाकर आवेदन किया और नौकरी पा ली।
जांच के दौरान अंकपत्र फर्जी साबित हुआ। निगरानी विभाग ने फर्जी प्रमाणपत्र समेत सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

फर्जी अंकपत्र से 19 साल तक नौकरी, शिक्षक गिरफ्तार
बिहिया (भोजपुर)फर्जी अंकपत्र के आधार पर 19 वर्षों से नौकरी कर रहे एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान सुरेश प्रसाद, पिता चंद्रमा राम, निवासी चकरही गांव (थाना- बिहिया) के रूप में हुई है। वह महुआंव गांव स्थित मध्य विद्यालय में कार्यरत थे।
पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2005 में पंचायत शिक्षामित्र की बहाली के दौरान सुरेश प्रसाद ने इंटर की मार्कशीट में हेराफेरी की थी। वास्तविक अंक 481 थे, जबकि उन्होंने उसे बढ़ाकर 698 अंक दिखाया और नौकरी हासिल कर ली।
निगरानी विभाग ने प्रमाणपत्र की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दस्तावेज फर्जी साबित होने पर पुलिस ने छापेमारी कर शिक्षक को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
