मुजफ्फरपुर की प्रमुख सड़कों को स्टेट हाईवे में अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू, अतिक्रमण बना सबसे बड़ी चुनौती

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रवि रंजन कुमार महेंद्र

  • Media house Bihar=मुजफ्फरपुर की प्रमुख सड़कों को स्टेट हाईवे में अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू, अतिक्रमण बना सबसे बड़ी चुनौती

    बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की प्रमुख सड़कों को स्टेट हाईवे में अपग्रेड करने की दिशा में पथ निर्माण विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिले की लगभग आधा दर्जन मुख्य सड़कों सहित राज्यभर की 100 से अधिक सड़कों को स्टेट हाईवे के रूप में वर्गीकृत किए जाने की संभावना है। इसके लिए विभाग ने सभी अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं से ऐसी मुख्य सड़कों की सूची मांगी है, जिनकी फुटफाल एक लाख से अधिक हो और जो सीधे स्टेट हाईवे या नेशनल हाईवे से जुड़ी हों।

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, स्टेट हाईवे के रूप में वर्गीकरण होने के बाद इन सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, सड़क सुरक्षा मानक लागू होंगे और निर्माण

      गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। इससे ट्रैफिक की गति बढ़ेगी, समय पर मरम्मत होगी और आम लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। पूरे जिले में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए

      कुशल परिवहन व्यवस्था बनाई जा सके।

      हालांकि, शहर में अतिक्रमण समस्या सबसे बड़ा अवरोध बनी हुई है। मुजफ्फरपुर नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के लिए योजना तो बनाई है, लेकिन मोतीझील, अघोरिया बाजार, कल्याणी, स्टेशन रोड, क्लब

        रोड, जूरन छपरा और इमलीचट्टी जैसे क्षेत्रों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। मोतीझील में पार्किंग स्थल तक पूरी तरह से अतिक्रमित कर लिया गया है। पुल के नीचे लगी ऊनी कपड़ों की अस्थायी दुकानें

    रोजाना भारी जाम का कारण बनती हैं।

    कल्याणी, हरिसभा चौक, क्लब रोड, पानी टंकी चौक और मिठनपुरा रोड पर छोटे-बड़े अतिक्रमण के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दुकानें सड़क पर फैलने और ग्राहकों के वाहनों के अनियंत्रित खड़े होने

    से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्टेशन रोड और सदर अस्पताल रोड पर तो अतिक्रमणकारियों के लिए पेवर ब्लॉक तक बिछा दिए गए हैं, जिससे वे आसानी से दुकानें सजा लेते हैं।

    शहर के दो प्रवेश द्वार—अघोरिया बाजार और टावर चौक—की हालत भी अलग नहीं है। आरडीएस कॉलेज क्षेत्र में सफाई अभियान कभी-कभी चलता है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकला। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अतिक्रमण अक्सर मिलीभगत से होता है और अवैध होने के बावजूद कार्रवाई ढीली रहती है।

    सड़कों के अ

      पग्रेडेशन और अतिक्रमण हटाने की पहल से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि शहर की सुरक्षा, सड़क की गुणवत्ता और परिवहन सुगमता में बड़ा सुधार होगा। पथ निर्माण विभाग आगामी रिपोर्ट के आधार पर तकनीकी

    • मूल्यांकन और विस्तृत सर्वे करेगा। सरकारी और निजी सहयोग से इस परियोजना

      को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया है, ताकि शहरवासियों को दीर्घकालिक सुविधा और सुरक्षित यातायात का लाभ मिल सके।

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