रवि रंजन कुमार महेंद्र gopalganj=एलएचबी रेक से चलेगी टाटानगर–थावे एक्सप्रेस, यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित और आधुनिक सफर
वाराणसी, 22 जनवरी 2026। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को और बेहतर बनाने की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन द्वारा 18181/18182 टाटानगर–थावे–टाटानगर एक्सप्रेस का संचालन अब पारंपरिक आईसीएफ रेकों के स्थान पर आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश)
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रेकों से किया
- होता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते और जान-माल की क्षति कम होती है। इसके अलावा इन कोचों में डिस्क ब्रेक, हाइड्रोलिक सस्पेंशन, बायो-टॉयलेट तथा प्रत्येक सीट पर मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। एलएचबी रेक न केवल यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक होते हैं, बल्कि इनके रखरखाव की लागत भी अपेक्षाकृत कम होती है।
एलएचबी रेक से संचालन के फलस्वरूप ट्रेनों की रेक संरचना में भी संशोधन किया गया है। संशोधित संरचना के अनुसार, 27 मार्च 2026 को टाटानगर से चलने वाली 18181 टाटानगर–थावे एक्सप्रेस तथा 29 मार्च 2026 को थावे से चलने वाली 18182 थावे–टाटानगर एक्सप्रेस में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 1-
जनरेटर सह लगेज यान, 1 एलएसएलआरडी कोच, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी, 7 शयनयान श्रेणी, 5 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 2 वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी श्रेणी तथा 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के कोच शामिल होंगे।
रेलवे
जाएगा। यह परिवर्तन यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।
एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से निर्मित होते हैं, जिनमें स्टेनलेस स्टील बॉडी और एंटी-टेलीस्कोपिक डिजाइन
प्रशासन का यह निर्णय यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और संतोष को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे इस मार्ग पर यात्रा
करने वाले यात्रियों को आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
— अशोक कुमार
जनसम्पर्क अधिकारी, वाराणसी

