रवि रंजन कुमार महेंद्र Midiahaus Bihar Gopalganj=स्मार्ट शिक्षा हमारी प्राथमिकता विधायक मिथिलेश तिवारी
Gopalganj=महम्मदपुर स्थित बाबा मैरेज हॉल में प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि समय के अनुरूप स्मार्ट शिक्षा को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में डिजिटल तकनीक के माध्यम से शिक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, प्रोजेक्टर एवं इंटरनेट सुविधा से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को भी अपनाएं।
विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्यों ने विद्यालयों की विभिन्न समस्याओं और सुझावों को विधायक के समक्ष रखा। विधायक ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिंहा ने यह भी बताया कि
विद्यालयों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, कक्षाओं के जीर्णोद्धार और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा। मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी
सहित शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों को राजनीति से दूर रहने के नसीहत देश साथियों उन्होंने कहा कि समय से विद्यालय आए और विद्यालय को राजनीति का अखाड़ा ना बनाएं शिक्षक बच्चों के पिता होते हैं और अपने बच्चों को जिस तरह देखभाल करते हैं इस तरह विद्यालय में आने वाले बच्चों का भी देखभाल होना चाहिए इसके साथ ही शिक्षकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में ही पढ़ने का निवेदन किया था कि शिक्षा का स्तर बेहतर बनाया जा सके, सरकार ने शिक्षा पर बजट बहुतायत बढाया है इसलिए उसका लाभ उठाएं मैं अगले माह से पंचायत का दौरा करूंगा और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को जनता से सीधा सुनूंगा। अभिभावकों के साथ पेरेंट्स मीटिंग हर हाल में विद्यालय में होने चाहिए उनकी समस्याओं का निदान होना चाहिए। उन्होंने अपने पढ़ाई जीवन के द्वारा भी शिक्षकों को उदाहरण दिया। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने शिक्षकों की समस्या सुनने के
बाद उन्होंने कहा कि यह दौर समस्या का सुनने का नहीं उसका निवारण का है क्योंकि आने वाला समय शिक्षकों के लिए चुनौती भरा है यूट्यूब के माध्यम से जो शिक्षकों की कमी है
उसे दूर किया जा सकता है जो का जमाना है आप लोग बच्चों को बेहतर शिक्षा दें।

