
Bihar Gopalganj=सिधवलिया
महम्मदपुर के पहलवान चौक पर लगे मेले में इस बार का कुश्ती अखाड़ा दर्शकों के लिए रोमांच और जोश से भरपूर रहा। जैसे ही पहलवानों ने दांव-पेच आज़माने शुरू किए, चौक पर जमा हजारों की भीड़ “जय हो” और “वाह रे पहलवान” के नारों से गूंज उठी।
निर्णायक की भूमिका
अखाड़े का संचालन और निर्णायक की ज़िम्मेदारी मशहूर प्रभात पहलवान ने निभाई।
देश-विदेश से पहुंचे पहलवान
अखाड़े में दर्जनों नामी पहलवान उतरे थे।
मध्यप्रदेश – जगधारी पहलवान
हरियाणा – राज्यसथ उर्फ काला चिंता
अयोध्या – राम दास
नेपाल – बली बहादुर
महाराष्ट्र – गोला
बक्सर (बिहार) – टाइगर पहलवान
कानपुर – मुन्ना टाइगर
इसके अलावा देश व अन्य राज्यों और स्थानीय पहलवानों ने भी दमख़म दिखाया।
सांसें थाम देने वाला फाइनल
फाइनल राउंड में बिहार के बक्सर के राजेश पहलवान और नेपाल के बली बहादुर आमने-सामने आए। दोनों ने एक-दूसरे पर जबरदस्त दांव आज़माए, कभी एक पहलवान का पलड़ा भारी होता तो कभी दूसरा बाज़ी मार लेता। दर्शक लगातार तालियों और नारों से उत्साह बढ़ाते रहे। आखिरकार, कड़े संघर्ष के बाद दोनों ने अपनी ताक़त और कला का परिचय देते हुए सिल्ड पर कब्ज़ा जमाया।
उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन समाजसेवी विजय प्रसाद कुशवाहा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण परंपरा और खेल संस्कृति को जीवंत रखते हैं
सिधवलिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर 2 राजेश कुमार ने बताया कि मेले का समापन शांतिपूर्ण हुआ पुलिस लगातार ग्रस्त कर रही थी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे। इस दौरान मोहम्मदपुर थाना अध्यक्ष श्याम नारायण प्रसाद पुलिस बल के साथ गस्ती करते रहे।
