रवि रंजन कुमार महेंद्र Midiahaus ट्रामा सेंटर के बेहतर सुविधा के लिए सरकार से लडूंगा भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी जनता को अब नहीं होगी और सुविधा सारी सुविधाओं को किया जाएगा Bihar gopalganj= सिधवलिया ट्रामा सेंटर का विधायक मिथिलेश तिवारी ने किया निरीक्षण, सुविधाओं की कमी पर जताई नाराजगी
सिधवलिया प्रखंड के झझवा पकड़ी एनएच-27 के समीप स्थित ट्रामा सेंटर की सुविधाओं का जायजा लेने बुधवार को
-
भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, दवाओं और स्टाफ की स्थिति की जानकारी ली। बताया गया कि ओपीडी मरीजों के लिए 250 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं, वहीं सर्जरी के लिए 83 प्रकार की दवाएं मौजूद हैं, लेकिन सर्जन की नियुक्ति नहीं है।
- डॉक्टर सिर्फ सुई लगाकर रेफर कर देते हैं, न डिलीवरी की सुविधा है और न ही समुचित इलाज। इस पर विधायक ने भरोसा दिलाया कि वे विभाग को पत्र लिखकर जल्द सुविधाएं बहाल कराएंगे। उन्होंने कैंपस में स्ट्रीट लाइट, जलजमाव की समस्या, सामुदायिक शौचालय, मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए शेड, जर्जर भवन को तोड़ने और हाईवे से ट्रामा सेंटर तक मुख्य मार्ग व साइन बोर्ड की व्यवस्था कराने की बात कही।
ओपीडी में बिना ड्रेस ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों पर विधायक ने कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि ट्रामा सेंटर का दर्जा तो दिया गया, लेकिन सुविधाएं नहीं दी गईं, जिसे एनडीए सरकार पूरा करेगी। इस दौरान दवा वितरण कर रहे स्टाफ को अपना नंबर दिया और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा दवा की जब कमी हो तो फोन मुझे करके जरूर बताइए ताकि दवा उपलब्ध करा दी जाए जिससे जनता को असुविधा न हो ड्यूटी में कोताही करने वालों पर होगी कार्यवाही इसके साथ ही व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कई बिंदुओं पर डॉक्टर से बात की सुझाव लेकर उन्होंने कहा कि जल्द ही ट्रामा सेंटर का संचालन और बेहतर तरीके से हो पाएगा और लोगों को पहले के अपेक्षा ज्यादा सुविधाएं मिल पाएगी इसके लिए मैं खुद सरकार से लड़ूंगा और प्रयास करके जनता के हित में कार्य करूंगा
वर्तमान में ट्रामा सेंटर मात्र चार डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहा है, जिनमें एक आयुष पद्धति की महिला चिकित्सक और
तीन एमबीबीएस/एमडी डॉक्टर शामिल हैं। ट्रॉली मैन की भी भारी कमी है। विधायक ने स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहाली का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड और ब्लड जांच की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन कई आवश्यक सेवाएं अब भी नहीं हैं।
निरीक्षण के दौरान एक महिला मरीज ने आरोप लगाया कि यहां

